रविवार, 12 अगस्त 2012

भारत माता के चरणों में शब्द पुष्पांजलि

भारत माता  के चरणों में शब्द पुष्पांजलि 



बदते चलो,कहते चलो ,जयतु मातु भारती 
जयतु मातु भारती ,  जयतु मातु भारती

 गंग- जमुन कंठ हार 
 मस्तक हिमगिरि श्रृंगार 
 सागर भी गदगद है 
 जननी के पग पखार 

दिवस रैन करते हैं ,सूर्य चन्द्र आरती 
जयतु मातु भारती  , जयतु मातु भारती

मन में भर उमंग लो 
विजय की तरंग हो 
मुस्कराती जिन्दगी में 
आत्म  -गर्व  रंग हो  

वीरता स्वयं करों में ,विजय माल धारती
जयतु मातु भारती  , जयतु मातु भारती

जोश हो विवेक युक्त 
खाइयों को पाट दो 
वारिद सा समरस हो 
नेह - नीर बाँट  दो 

शक्तिमय  उदारता ,भविष्य को संवारती 
जयतु मातु भारती  , जयतु मातु भारती

                                     ------------डॉ. मधु प्रधान 

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